STORYMIRROR

neha sharma

Fantasy Others

3  

neha sharma

Fantasy Others

बगीचे मे एक दिन

बगीचे मे एक दिन

1 min
167

बगीचे में एक दिन खिली हुई कली नजर आई

देख कर उसको मैं मन ही मन बहुत मुस्कुराई

सोच कर उसके बारे में कई ख्याल मन में आए

डर गई सोच कि वो खिल कर फूल न बन जाए

कही किसी रोज किसी के हाथ से टूट ना जाए

डाल पर दिखती खूबसूरती बर्बाद ना हो जाए 

छुपा कर रखूंगी उस कली को फूल बनने तक

खुद ब खुद उसका जीवन विलीन होने तक...



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy