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neha sharma

Fantasy Others

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neha sharma

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बगीचे मे एक दिन

बगीचे मे एक दिन

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बगीचे में एक दिन खिली हुई कली नजर आई

देख कर उसको मैं मन ही मन बहुत मुस्कुराई

सोच कर उसके बारे में कई ख्याल मन में आए

डर गई सोच कि वो खिल कर फूल न बन जाए

कही किसी रोज किसी के हाथ से टूट ना जाए

डाल पर दिखती खूबसूरती बर्बाद ना हो जाए 

छुपा कर रखूंगी उस कली को फूल बनने तक

खुद ब खुद उसका जीवन विलीन होने तक...



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