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GUDDU MUNERI "Sikandrabadi"

Tragedy

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GUDDU MUNERI "Sikandrabadi"

Tragedy

बेवफा मोहब्बत

बेवफा मोहब्बत

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तुम मोहब्बत का मुझे कोई इनाम ना दो 

यू बहाने बनाकार कोई पैगाम ना दो।


छूट जायेंगे रिश्ते मेरे हाथों में हाथ से 

तुम लेकर रजा मेरी मुझे इन्कार ना दो।


क्या भुल नहीं तुम्हें इस बात की 

ये मोहब्बत है या बात एक रात की।


लफ्ज़ खामोश है आँखों के सामने 

तेरी ही मोहब्बत बर्बाद हो गई तेरे सामने।


एक रिश्ता भी तुम सम्भाल ना पाये 

मोहब्बत का मतलब समझ ना पाये।


एक रोज तुम भी शिकार हो जाओगे 

फ़िर यारों से कहोगे कि याद आओगे।


तुम किसी और को पा चुके हो 

ये बात और है कि हम जा चुके हो।


बस अब इतना ही याद रखेंगे 

बेवफा मोहब्बत है तेरी 

बर्बाद थे, है और रहेंगे।


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