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Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Classics Inspirational Children

4.5  

Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Classics Inspirational Children

बेटी

बेटी

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बात हंसकर कभी गैरत की ना टालो बेटी।

अब दरिंदो के लिए खुद को संभालो बेटी।


पाक दामन को बचाने के लिए खुद ही उठो। 

फब्तियों वाली ज़ुबां काट ही डालो बेटी।


भेड़िए भूखे नज़र आते हैं वहशत वाले।

इनसे निमटो की अब हथियार उठा लो बेटी।


तुम ही दस्तार हो, मां बाप की गै़रत तुम हो।

फातिमा ज़हरा के किरदार में ढालो बेटी।


अब चमन में कोई तितली का कहीं पर नोचे।

मौत का उसके फिर फरमान बना लो बेटी।


नस्ल दर नस्ल हया की तेरे कसमें खाएं।

ऐसे किरदार से दामन को सजा लो बेटी।


बेटियां अब किसी मैदान में पीछे भी नहीं।

"सगीर" बेटों की तरह शान से पालो बेटी।


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