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Shiv Prasad Maurya

Classics

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Shiv Prasad Maurya

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Untitled

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प्रेम   ही   ईश्वर   प्रेम   ही   पूजा,   प्रेम   में   श्री   भगवान  दिखे  हैं
प्रेम   के   प्रेरण   से   प्रेरित   हो,   श्री   भगवन    अवतार  लिये  है
कुवृत्ति से पूरी निवृत्ति की खातिर, विविध स्वरूपों के रूप धरे  हैं
इस  प्रेम  की  महिमा  जानने  वाले, दशरथ  के घर प्रकट भये  हैं
®️©️ शिव प्रसाद मौर्य


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