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sargam Bhatt

Tragedy Classics Inspirational

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sargam Bhatt

Tragedy Classics Inspirational

हिंदी

हिंदी

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हिंदी है मां जैसी,

पिता के जैसी मेहनत वाली,

भाई जैसी है करती रखवाली।

बहन की जैसी है यह प्यारी,

हिंदी मेरी सबसे न्यारी।।


दादी की लोरी के जैसी,

नानी के गोदी के जैसी।

बुआ जैसी है यह दुलारी,

हिंदी मेरी सबसे न्यारी।।


 मामा के जैसे यह पुचकारती,

नाना के जैसे लाड़ लडाती।

सबके मन को यह है भाती,

जैसे दोस्ती यारी।

हिंदी मेरी सबसे न्यारी।


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