STORYMIRROR

Bal Krishna Mishra

Classics

3  

Bal Krishna Mishra

Classics

" नारी शक्ति "

" नारी शक्ति "

1 min
11

नारी तू शक्ति है , श्रद्धा सुमन भक्ति है 

तू गौरी , तू लक्ष्मी , तू सरस्वती है ||


तू करुणा है, तू ममता है, तू जननी है, तू माया है

तू शक्तिस्वरुपिणी दुर्गा, सत्यस्वरुपिणी राधा है ||


तू भाव है, तू भावना है, तू लज्जा है, तू सज्जा है

तू नंदिनी, तू कामिनी, तू सद्गुण वैभव शालिनी है ||


तू इत्र है , तू मित्र है , तू चित्र है , तू चरित्र है

तू दृष्टि , तू चेतना , तू सृष्टि , तू बंदना है ||


मीरा की भक्ति तुझमें , मां अहिल्या का धैर्य 

पद्मावती सी साहस तुम में, लक्ष्मीबाई का शौर्य 


तेरे ज्ञान से है जीवन तेरे कर्मो से है पहचान

ऋृणी रहेगी ये धरती तू है हाड़ी रानी का बलिदान ||


 -बाल कृष्ण मिश्रा


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics