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Bal Krishna Mishra

Drama

4.5  

Bal Krishna Mishra

Drama

।। श्री महाकाल तांडव स्तुति ।।

।। श्री महाकाल तांडव स्तुति ।।

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सदाशिव शंकर महेश्वर महेश,

परमेश्वर त्रिलोचन त्रयंबक त्रिनेत्र।

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय,

भव-भय हरन भोलेनाथ, जय जय शिव शंकराय॥


प्रचंड-तांडव-नृत्य-रत, दिगंबर-विश्वरूपम्,

शून्य-हृदय-निवासी, पूर्ण-ब्रह्म-अनुपमम्।

अनादि-अनंत-कालचक्र-अधिपति, महादेव-महंतम्,

क्षण-भंगुर-लीलाधारी, विभु-अविनाशी-अनंतम्॥


जटा-कटाह-संभ्रम-भ्रमन्-निलिम्प-निर्झरी,

शीश-शशांक-धवल-दीप्ति, अमृत-रस-झरी।

व्याल-कराल-माल-कंठ, भस्म-विलेपन-धारी,

वैराग्य-पुंज-महायोगी, त्रिपुर-अरि-विनाशकारी॥


त्रिशूल-धारिणी-शक्ति, न्याय-वज्र-प्रहारम्,

डमरू-नाद-गुंजित-ब्रह्मांड, सृजन-स्वर-सारम्।

महानाश-कुक्षि-स्थित, नूतन-सृष्टि-विधानम्,

रुद्र-भीषण-संहार, शिव-सौम्य-निर्माणम्॥


काल-काल-महाकाल, काल-जयी-अनामी,

चराचर-जगत-रक्षक, विश्वेश्वर-स्वामी।

करुणा-पारावार-शंभू, तारन-तरन-हारी,

शरण्य-चरण-कमल-अर्पित, जय-जय-पुरारी॥


ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय,

हर हर महादेव, जय शिव शंकराय॥



~ बाल कृष्ण मिश्रा, नई दिल्ली |

E-mail: bk10mishra@gmail.com


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