Neer N
Fantasy Others
बेख्याली में यूं ही ख्याल आया,
ख्याल को लिखने बैठी
तो ये ख्याल आया!
और भी लोग हैं
मेरी जिंदगी में अहम!
फिर दिल को,
तेरा ही क्यों,
खयाल आया!!
मां....
दवा
नीर
दोस्त....
तुम मुझे पढ़ ...
मुझे पसंद नही...
खूबसूरत
तुम्हारे खत.....
बेख्याली का ख...
तिमिर निशा का ढ़लने दो ऊषा ने गीत सजाया है।। तिमिर निशा का ढ़लने दो ऊषा ने गीत सजाया है।।
कुछ नहीं तो बस, इतना, तो हो ही जाता, वो लड़कपन ही, फिर, वापस मिल पाता, कुछ नहीं तो बस, इतना, तो हो ही जाता, वो लड़कपन ही, फिर, वापस मिल पाता,
आपको जहान की खुशियां और हमे आपका समय मिले। आपको जहान की खुशियां और हमे आपका समय मिले।
ऐ जाने वफा, तू और तेरा हुस्न हमेशा अमर रहे। ऐ जाने वफा, तू और तेरा हुस्न हमेशा अमर रहे।
छोटी-छोटी नोक झोंक भी हर रिश्ते में चलती रहती है छोटी-छोटी नोक झोंक भी हर रिश्ते में चलती रहती है
चौकन्ना कर हर घटना को पूर्व में संदेश हमें दे जाती है चौकन्ना कर हर घटना को पूर्व में संदेश हमें दे जाती है
गजरा केशों में सजाई है । देखो सांझ की बेला आयी है । गजरा केशों में सजाई है । देखो सांझ की बेला आयी है ।
ये यादें बहुत याद आती हैं मुझे तुमसे मिलाती हैं। ये यादें बहुत याद आती हैं मुझे तुमसे मिलाती हैं।
मोरनी का नृत्य अब तक क्यों रुका नहीं, पल्लवों के रिमझिम को समझा उसने बरखा यही। मोरनी का नृत्य अब तक क्यों रुका नहीं, पल्लवों के रिमझिम को समझा उसने बरखा यही...
रब के सामने चले न किसी की, सब उसकी मर्जी होती है। रब के सामने चले न किसी की, सब उसकी मर्जी होती है।
अभी कहीं जाने की फुरसत नहीं मुझे बैठना तुम्हारे पहलुओं में। अभी कहीं जाने की फुरसत नहीं मुझे बैठना तुम्हारे पहलुओं में।
नजरों से नजरों का सामना होता है, रूह से रूह का मिलन होता है। नजरों से नजरों का सामना होता है, रूह से रूह का मिलन होता है।
बंजर जो तूने कर डाला, उसे नया बाग़ बनाएँगे। बंजर जो तूने कर डाला, उसे नया बाग़ बनाएँगे।
हसीनों की महफिल सजती है घर की छतों पर हजारों बिजलियाँ सी गिरती हैं मर्दों के दिलों पर हसीनों की महफिल सजती है घर की छतों पर हजारों बिजलियाँ सी गिरती हैं मर्दों के...
ये कैसा अनुशासन कैसी चक्की घूम रही पहर निकलते समय साथ गति बढ़ती रही, ये कैसा अनुशासन कैसी चक्की घूम रही पहर निकलते समय साथ गति बढ़ती रही,
रह-रह कर मुझे याद आती है। बहुत पुरानी सारी यादें याद आती है। रह-रह कर मुझे याद आती है। बहुत पुरानी सारी यादें याद आती है।
अगर तुम फसल बन जाओगे तो मैं तुमसे मिलकर खेतों में लहलहाऊंगी अगर तुम फसल बन जाओगे तो मैं तुमसे मिलकर खेतों में लहलहाऊंगी
वे क्या पाएँगे जीवन में जो सोते रह जाएंगे। वे क्या पाएँगे जीवन में जो सोते रह जाएंगे।
बता ज़रा मिज़ाज अपना, हे! तपस्विनी हे प्रियतमा। बता ज़रा मिज़ाज अपना, हे! तपस्विनी हे प्रियतमा।
वो फिर नहीं आती दुबारा, मुझे सुलाने को जो मैं एक क्षण के लिए, आराम भी कर लूं वो फिर नहीं आती दुबारा, मुझे सुलाने को जो मैं एक क्षण के लिए, आराम भी कर लूं