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sukhwinder Singh

Romance

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sukhwinder Singh

Romance

बेइंतहा: एक अनकही मोहब्बत"

बेइंतहा: एक अनकही मोहब्बत"

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तेरी आँखों में जो एक अनकहा सा राज है, मेरी हर धड़कन का बस वही एक साज़ है। लफ़्ज़ों में बयां करूँ, तो कम पड़ जाएं शायद, ये जो तुझसे इश्क़ है, वो बेहिसाब है। ​जब भी गुज़रता हूँ तेरी यादों के शहर से, रूह महक उठती है तेरे एक पहर से। तू नज़दीक ना होकर भी, मेरे कितने पास है, जिंदगी के हर पन्ने पर, बस तेरा ही अहसास है। ​तेरी एक मुस्कान पे ये दिल हार बैठे हैं, मंज़िलें भुला कर बस तेरे इंतज़ार में बैठे हैं। कुछ तो है इस रूहानी से रिश्ते की बात, कि अंधेरे में भी तू ही है मेरी सुबह की शुरुआत। ​बिखर जाऊं तो अपने सीने से लगा लेना, मैं तेरा ही हूँ, ये हक़ से दुनिया को बता देना। कोई और ख़्वाहिश नहीं अब इस दिल-ए-नादान की, बस तू ही तो है आखिरी मन्नत मेरी जान की।


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