नन्ही परी के पंख
नन्ही परी के पंख
आसमान से उतरी है एक किरण नूरानी, खुशियों की है ये अपनी छोटी सी रानी। मखमली पंख इसके, चांदी जैसी काया, जैसे खुदा ने सारा प्यार इस पर लुटाया। तारों के शहर से वो रात में आती है, मीठे-मीठे सपनों की लोरी सुनाती है। फूलों की पंखुड़ी पर जब वो सोती है, हर कली उसे देख कर खुश होती है। उसकी खिलखिलाहट में जादुई सा साज है, सबके दिलों पर उसका ही तो राज है। छू ले वो जो मिट्टी, तो सोना बना दे, रूठे हुए चेहरों पर वो मुस्कान सजा दे। नेक्स्ट
