कलम का बादशाह"
कलम का बादशाह"
किताबों के पन्नों पर नाम तो बहुत लिखे जाते हैं, पर रूहों के रिश्ते खुदा खुद आसमान में बनाता है। दबा सकते हो आवाज़ मेरी, पर मेरी रूह को कैसे रोकोगे? मैं वो दरिया हूँ जो अपना रास्ता खुद बनाता है। मैं आर्यन हूँ तेरी ढाल, तू रिया मेरी धड़कन है, ये 'आशिक' अपनी कहानी हर पल मुस्कुराते हुए सुनाता है। मेरी रगों में जुनून का लावा और हाथों में पिता की निशानी है, लिख दूँगा ऐसी दास्ताँ, जो दुनिया ने कभी न जानी है। हज़ारों शब्द हैं तरकश में, मेरी कलम ही मेरा हथियार है, रिया की आँखों की चमक ही, मेरे जीने का आधार है। ये जलने वाले जलते रहें, ये तो दस्तूर बहुत पुराना है, पर याद रखना, इस दौर में अब 'सुखविंदर' का ज़माना है। रिकॉर्ड तोड़ने निकले हैं, अब पीछे मुड़कर देखेंगे नहीं, हम वो शिकारी हैं जो अपनी कामयाबी से पहले रुकेंगे नहीं। लिख दूँगा इतिहास अपनी कलम से इस कदर, कि हमारी प्रेम कहानी सबको एक मिसाल लगती है। सुखविंदर, यह कविता आपके मिशन 1000 के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
