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Ajay Prasad

Tragedy

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Ajay Prasad

Tragedy

बच्चे शिकार हो गए

बच्चे शिकार हो गए

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बच्चे अब वक्त से पहले समझदार हो गए

बड़े बुजुर्ग भी घर मे दर किनार हो गए।


इस कदर जब्त कर लिया मोबाइल ने हमें

जुबां हासिये पे और अंगूठे सरदार हो गए।


खेल, खिलौने, बाजा, मोटर गुड्डे-गुड़िया

इंटरनेट ओ विडियो गेम के शिकार हो गए।


होली, दिवाली, ईद, बकरीद, क्रिसमस भी अब

फेसबुक ओ व्हाट्स एप्प, के त्योहार हो गए।


सियासत में साम्प्रदायिकता देख के अजय

लगता है मजहब इन्सानों के शिकार हो गए।


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