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Nandita Srivastava

Romance

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Nandita Srivastava

Romance

बात तो करो

बात तो करो

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बात तो करो खामोशी से मेरी जान जाती है

किन,बातों से तुम खफा हो बिना बात के हमसे जुदा हो

तुम्हारी यह शख्सियत नही हैं,

सुनो बैठो कुछ तुम कहो,कुछ हम कहे उलझनें सुलझ जायेगी

सारी शिकायतें धुल जायेगी

बात तो करो......................

देखो बारिश हो रही है, उन बूंदो को देखो संमदर में मिल जायेगें

बताने से ,जिंदगी की उलझनें सुलझ जायेगे

बाँटने से गम भी कम हो जायेगें

बात तो करो...................

कभी कभी दूसरो को कहने का मौका दिया करो

हो हौसला तो आँख में आँख डालकर बात किया करो

बस चंद लम्हे है मेरे पास तुम ने क्या किया नहीं किया

सोचते नही अब अपनी बातें कहते नही,पर हाँ तुम्हरे

बिना रह पाते नही ,

बात ...............................



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