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Niru Singh

Children

3  

Niru Singh

Children

बाल दिवस

बाल दिवस

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नन्हे मुन्ने मुस्कुराते ये प्यारे बच्चे, 

जिनके हौसले भविष्य सँवारे। 

आज जो हर बात पे प्रश्न करें, 

वो कल का इतिहास रचें । 


इस बगिया के हँसते मुस्कुराते फूल है ये। 

देखो हर फूल में पनप रहा, 

देश का उज्ज्वल भविष्य है, 

प्रेम, ज्ञान, संस्कार से सिंचो इनको। 


किसी में आजाद तो किसी में कलाम हैं। 

ये वो बेल है, जिन्हें मिले सही डोर तो 

ले जाए देश को तरक्की की छोर पे। 

ऐसे न कहते इन्हें देश का भविष्य है!


इनके हाथों में आज है कलम तो

उस कलम में कल तलवार सी धार होगी।  

हो उम्मीद तुम इस देश के, 

बदलोगे तुम ही रूढ़ि परम्परा,

परिपाटी इसकी रचोगे इतिहास नया। 



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