Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Dipanshu Asri

Romance Fantasy


3.5  

Dipanshu Asri

Romance Fantasy


बाहों में उठा लू

बाहों में उठा लू

1 min 124 1 min 124

बाहों में तुझे उठा लू ऐसे 

दर्द मीठा जगा दूँ ऐसे 

लबों पे तेरे कशिश हो ऐसी 

स्पंदन अजब सी उठे कुछ ऐसी 


बेसब्र सा होकर तुझे प्यार करूँ 

अपने से ज़्यादा एतबार करूँ 

तेरी रोम रोम जगा दूँ ऐसे 

तुझे जन्नत यही दिखा दूँ ऐसे 


Rate this content
Log in

More hindi poem from Dipanshu Asri

Similar hindi poem from Romance