Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Dipanshu Asri

Inspirational

4.5  

Dipanshu Asri

Inspirational

हॅसने का मौक़ा

हॅसने का मौक़ा

1 min
321


कभी मुस्कुराकर भी देखो इस दुनिया में 

जीने का मतलब ही बदल जाएगा 

जो आज बैठे हैं चिंताओं के घेरे में 

उन्हें हसने का मौक़ा भी मिल जाएगा 


खुदा की रहमत दिल में उतारो 

तुम्हे मक्का मदीना यही दिख जाएगा 

क्या ग़लत हैं ? क्या सही है ?

तुम्हे जीने का मकसद मिल जाएगा 


दुआ करो तुम सलामत हो घर पे 

कोई दुःख में सिमटा भी मिल जाएगा

जो मिले ,करो तुम उसकी इज़्ज़त 

वक़्त भी मुश्क़िल कट जाएगा 


ख़ैर बनाओ जिस घर से आए 

कोई बेघर भी चलता कभी दिख जाएगा 

जो भी हो हिम्मत ना हारो 

समुंदर में भी किनारा कभी मिल जाएगा 


मैं सशक्त हूँ अभी भी , मैं जीवित हूँ तत्पर 

कोई न कोई जरिया तुम्हें भी मिल जाएगा 

ज़ाया ना करो ये वक़्त हैं सोना 

कभी तो मुक़ाम तुझे मिल जाएगा!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational