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RAJESH DHAKA

Drama Romance Fantasy

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RAJESH DHAKA

Drama Romance Fantasy

बादल

बादल

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कितना अच्छा होता अगर हम बादल होते,
एक जगह से दूसरी
और दूसरी से तीसरी जगह जाते,
न कोई रोक-टोक,
न किसी रिश्ते की बंदिश।

जब भी हम आते,
लोगों के चेहरे पर हँसी लाते।
अपना सब कुछ हँसी-हँसी लुटा जाते
और बदले में कुछ न लेकर जाते।

कितना अच्छा होता
अगर हम बादल होते।

न आज की भागदौड़ का हिस्सा होते,
न गहरे रिश्तों में उलझे होते।

देखकर हमें सभी मुस्कुराते,
प्यार से गीत गाते।

समंदर से हम पानी भरकर लाते,
खेतों में बरस जाते।

हवा के झोंके
हमें अपने साथ उड़ा ले जाते।

गुस्सा होते
तो नफ़रत से गरजते,
प्यार में बरस जाते।

कितना अच्छा होता
अगर हम बादल होते।


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