STORYMIRROR

Usha Shrivastava

Tragedy

3  

Usha Shrivastava

Tragedy

बाबूजी की मधुर यादें

बाबूजी की मधुर यादें

1 min
157


भूला न पाएंगे, कभी इस जीवन में,

आपकी निश्छल हंसी और सादगी। 

 बार-बार आती है मुझको,

मधुर याद बाबूजी आपकी।।

आपके आदर्श करते पथ-प्रदर्शन,

अब बस यादों और तस्वीरों में दर्शन।।

साथ आपके चली गयी,

वह आशीर्वाद की छाया।। 

छिन गई क्रूर काल के हाथों,

जो थी बहुमूल्य माया।।

स्मृतियों मैं अमर रहेगा ,

अमृत तुल्य प्यार जो आपसे पाया। 

कामना यही, बना रहे सदैव.

हर बच्चे पर, माता-पिता का साया।।-2 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy