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Usha Shrivastava

Action

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Usha Shrivastava

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ऑनलाइन रिश्ते

ऑनलाइन रिश्ते

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ऑनलाइन के ज़माने में, रिश्ते तो मेल पे सेंड हो गए

लाज शरम गई भाड़ में, मम्मी-पापा भी फ्रेंड हो गए !!

कैसा पति-पत्नी का रिश्ता? जब हसबेंड-वाइफ फ्रेंड हो गए !!

रिश्तों में खिंचाव ऐसा आया कि, रिश्ते रबरबेंड हो गए!!


काम कोड़ी का न फ़ुरसत मिनट की,

गाड़ी में, मंदिर में, शादी या मीटिंग में,

घर हो या अस्पताल, बाथरूम हो या ड्राइंग रूम,

बस मोबाइल की महिमा है, सिनेमा हो सीरियल हो,

जन्म हो या मरण हो, मुंडन हो या परिणय हो,

दिन-रात बस मोबाइल की शरण हो!!


प्रातःकाल सर्वप्रथम इन्हीं के दर्शन पाते हैं,

सोने से पहले भी इनको चेक कर ही चैन से सो पाते हैं!

परिवार से कम मोबाइल पर ज़्यादा बतियाते हैं,

अपने सुख-दुःख की खबर परिवार से पहले!

फ्रेंड और दुनिया वाले पाते हैं!!


आधी से ज्यादा ज़िंदगी हम सभी इन्टरनेट पर बिताते हैं,

और कहते हैं, टाइम न निकाल पाते है !

क्योंकि यही तो आजकल का ट्रेंड हो गया,

ऑनलाइन के ज़माने में रिश्ते तो मेल पे सेंड हो गए!

लाज शरम गई भाड़ में मम्मी-पापा भी फ्रेंड हो गए!!



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