STORYMIRROR

Sarita Kumar

Romance

4  

Sarita Kumar

Romance

और क़रीब

और क़रीब

1 min
265

देखना 

कभी 

फुर्सत में 

तुम अब 

कम उम्र 

नादान 

और 

हैंडसम

नहीं हो 

और ना ही 

मैं 

शर्मीली बाला 

नाज़ुक सी 

कलाई वाली 

खूबसूरत 

लड़की

अब 

हम दोनों 

परिपक्व 

हो गये हैं 

ढलती उम्र के

अनमोल 

सौंदर्य से 

परिपूर्ण 

एक वृद्धा हैं 

जिन्होंने 

जिया है 

अपना 

सम्पूर्ण 

जीवन 

और 

भरपूर 

जिया है 

तृप्ति

और 

संतुष्टि के 

भाव से 

दमकता 

चेहरा 

ओजस्वी तेज़ 

और 

अलौकिक 

मुस्कान से 

सुसज्जित 

दिव्य शक्ल 

हमें 

एक दूसरे को 

खींचने 

लगता है 

और करीब


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance