STORYMIRROR

Rajit ram Ranjan

Romance

4  

Rajit ram Ranjan

Romance

अश्क़ उसकी आँखों को भिगोते होंगे

अश्क़ उसकी आँखों को भिगोते होंगे

1 min
433

अपनी जिद के आगे 

मैंने उसकी 

एक भी नहीं 

सुनी, 

ये भी नहीं सोचा कि 

उसको भी 

तकलीफ हुई 

होंगी, 

और छोड़कर 

चल दिया, 

तनहा उसे।


अश्क़ 

उसकी आँखों को 

भिगोते होंगे, 

हमें याद करके 

वे रोते होंगे, 

आज पता चल 

रहा है, 

जब दिन 

बिन उनके तनहा 

गुजारना पड़ 

रहा है। 


अब नहीं रहूँगा 

बिन उनके, 

मेरी बात टालेंगे 

नहीं, 

जाके मना लूँगा उन्हें, 

नहीं माने तो 

कदमों में 

सिर झुका लूँगा, 

गिड़गिड़ा लूँगा, 

वे आज भी 

मुझे दिल से 

चाहते हैं, 

माफ कर देंगे मुझे 

सीने से 

लगा लेंगे, 

मेरी हर भूल को 

वो भुला देंगे!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance