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chandraprabha kumar

Classics Fantasy

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chandraprabha kumar

Classics Fantasy

अपने पर विश्वास

अपने पर विश्वास

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 आ आकर तुम मुझको घेरो ना,

अपनी बातों में मुझको बॉंधो ना।


गति मेरी अवरुद्ध करो ना,

अपने मोहपाश में फॉंसो ना।


गाऊँगी मैं मुक्त चरण हो,

फैलाऊँगी प्रभु की महिमा को। 


सपने अपने साकार करूँगी,

अपने पर ही विश्वास धरूँगी।


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