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RAJENDRA SINGH PARMAR

Romance

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RAJENDRA SINGH PARMAR

Romance

अपने दिल की बात बताना

अपने दिल की बात बताना

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अधर पर अपने

मेरे लिए कोई ख्याल

रखा है तो बताना,

कोई तारीफ रखी हो

या कोई शिकायत हो

तो बताना ...


अपने दिल में मेरे

इश्क़ का बुझता हुआ

अलाव हो तो बताना ,

या मेरे होने से किसी

पुराने जख्म का भराव हो

तो बताना .....


मेरी साँसों में आज भी

तेरी भीनी खुशबु कैद है, 

तुम्हे भी मेरी गैरमौजूदगी में

भी मेरे होने का अहसास हो

तो बताना .......


अकेलेपन में तुमसे कितनी

बात करता हूँ पर सामने

कभी कुछ कह न सका,

तुम्हे भी ऐसी ना बर्दाश्त

ख़ामोशी चुभती हो

तो बताना ......


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