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Amit Kumar

Romance Classics Inspirational

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Amit Kumar

Romance Classics Inspirational

अपना दर्द

अपना दर्द

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एक बार दिल का ऐतबार कर लो

एक बार दिल का ऐतबार कर लो

एक बार दिल का ऐतबार कर लो

एक बार दिल का ऐतबार कर लो


बड़े नासमझ हो तुम ज़रा यार कर लो

एक बार दिल का ऐतबार कर लो

व्हट्सऐप और फेसबुक पर

तुम खोये रहते हो

दिल की ये बातें सब

तुम भी वहीँ कहते हो


कभी तो मिलकर हमसे इज़हार कर लो

बड़े नामसंझ हो तुम ज़रा यार कर लो

एक बार दिल का ऐतबार कर लो

इंस्टाग्राम पर फ़ोटो अपनी

तुमने बिखेरी है

यादों की गूगल ड्राइव में भी


चर्चा अब तेरी है

ट्वीट कर चुके हो तुम

अपने जज़्बातों को

कभी तो तुम समझो ज़रा

मेरे एहसासों को

बात बस इतनी सी है

क़दर यार कर लो


बड़े नासमझ हो तुम ज़रा यार कर लो

एक बार दिल का ऐतबार कर लो

आँखों में मेरी तुम ही

रात दिन रहते हो

मानो न्यूज़ पेपर सी हैडलाइन कहते हो

ईश्वर - अल्लाह! सब एक ही माया है

तुमको जो चाहा जाना


क्या ये सरमाया है

मेरी ख्वाहिशों की ख़्वाहिश तुम

स्काइप अब कर लो

बड़े नासमझ हो तुम ज़रा यार कर लो

एक बार दिल का ऐतबार कर लो

घर वापसी का मुद्दा फिर तुमने उठाया है

बिना तुम्हारे कैसे देखो दिल ये छटपटाया है


बिन पानी की मछली बन गया हुँ मैं देखो

अपनी दुनियां से बाहर कभी यार तुम देखो

देश-विदेश की पिक्चर तुम देखते रहते हो

मेरे दिल की हालत पर कुछ न मगर कहते हो

मशीनों से प्यार छोड़ ज़रा इंसान बन जाओ

मेरे दर्द को अब ज़रा अपना दर्द तुम बनाओ


दर्द की पीएचडी भी अब तुम यार करलो

बड़े नासमझ हो तुम ज़रा यार कर लो...

एक बार दिल का ऐतबार कर लो

एक बार दिल का ऐतबार कर लो।


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