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Deepali Mathane

Tragedy

3  

Deepali Mathane

Tragedy

अनुभव........

अनुभव........

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अनुभव कहता है किसी से आस लगाना छोड़ दो

गहरे घावों को वक्त के सिरहाने छोड़ दो


अच्छाइयों का सिला मिले ना मिले ज़िंदगी में

बुराइयों को अपनी अच्छाइयों से मोड़ दो


ज़िंदगी से मिले सुख दुख के सारे पन्ने मिला के

हसीन से लमहों को खुशनुमा यादों से जोड़ दो


वक्त के हाथों मजबूर कभी ना होना ज़िंदगी में

हर बाधाओं पे अपने हिम्मत के थोड़े मोती छोड़ दो


ज़िंदगी में हर आरजू पुरी हो ये जरूरी तो नहीं

पर मेहनत की चुनरी से अपनी मंज़िलों को ओढ़ दो



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