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Minal Aggarwal

Fantasy

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Minal Aggarwal

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अंतरिक्ष बहुत सुंदर है एक बच्चे के ही निश्चल मन की तरह

अंतरिक्ष बहुत सुंदर है एक बच्चे के ही निश्चल मन की तरह

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मेरे पास कोई 

अंतरिक्ष यान नहीं 

न ही हूं मैं कोई 

अंतरिक्ष यात्री कि 

वहां तक पहुंचकर 

वहां उपस्थित स्थिति का जायजा 

लेकर 

वहां के गूढ़ रहस्यों को जान सकूं 

यह अवश्य है कि 

जिसकी वहां तक पहुंच है 

उनके जरिये 

थोड़ा सा ज्ञान अर्जित कर लेती हूं 

थोड़ा सा देख लेती हूं 

थोड़ा बहुत कुछ सुन लेती हूं 

थोड़ा सा ही कुछ कुछ समझ लेती हूं 

कई बार कुछ विषयों पर पकड़ भी 

हमारी कमजोर होती है 

क्योंकि हमारी दिलचस्पी उन विषयों 

में कम होती है 

फिर भी अंतरिक्ष की दुनिया 

इन सबसे परे रहस्यमयी है 

मनुष्य के दिल में 

कहीं गहरे छिपे रहस्यों की ही तरह 

यह कोई जरूरी तो नहीं कि 

अंतरिक्ष विषय को जानने के लिए 

हम एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही 

अपनाये 

हम इसे जानने के लिए 

अपने ही मन मस्तिष्क के भीतर 

उतरकर 

एक अंतरिक्ष यात्रा तय करके भी तो 

इसकी तह तक पहुंच सकते हैं 

इसकी सारी परतें न भी खोल पाये तो 

पहली, दूसरी, तीसरी 

कुछ परतें तो खोल ही सकते हैं 

मैं अपनी आंखें बंद करके 

मन की आंख से जो 

अंतरिक्ष की ओर देखती हूं तो 

पाती हूं कि 

यह बहुत सुंदर है 

एक बच्चे के ही निश्चल मन की 

तरह 

छल कपट रहित 

मानव का प्रवेश जो अभी नहीं है 

इसकी सीमाओं के भीतर 

यह अभी एक कली सा सकुचाया हुआ है 

जो मेरा प्यार भरा कोमल स्पर्श 

पाकर 

शायद एक फूल सा खिल जाये और 

मेरी भाषा 

पहले मेरी आंखों की प्रेम की 

सीखे फिर 

धीरे धीरे सीख जाये मेरी 

बोली भी और 

तारों की छन छन सा छनकता 

मेरे साथ 

अपने ही व्यक्तित्व की तरह 

का 

विशालता का 

महानता का 

कोई प्रेम का एक लयबद्ध गीत 

गुनगुनाये।


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