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Abha Chauhan

Tragedy

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Abha Chauhan

Tragedy

अन्नदाता को बचाना है

अन्नदाता को बचाना है

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हम सबका अन्नदाता

किसान है कहलाता


अपनी कड़ी मेहनत से 

रोटी देता सारे जग को

पर उसका परिवार 

कोसता है अपनी किस्मत को


न जाने कितनी मेहनत कर 

इस फसल को है उगाता

बंजर धरती को भी 

पुकारता है कहकर माता


जो सब को भरपेट है खिलाता 

वो कभी कभी खुद भूखा है सो जाता 


हमारे देश का किसान

जो रोज हल चलाता है

इतनी मेहनत करने पर भी

कितना कम वो पाता है


सारा देश भूखा मरेगा

अगर किसान यू आत्महत्या करेगा।


हम सबको मिलकर 

हर किसान को बचाना है

अपने अन्नदाता को

उसका हक दिलाना है।



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