अम्माँ
अम्माँ
नींद मुझको नहीं आती
जब तक लोरी नहीं सुनाती
गोदी में नहीं झुलाती
ऐसी मेरी प्यारी- प्यारी अम्माँ।
अच्छा -अच्छा खाना बनाती
प्यारे- प्यारे हाथों से खिलाती
भूखा न कभी रहने देती
ऐसी मेरी प्यारी प्यारी अम्माँ।
सर पे मेरे उसका साया
डर न कभी मुझको छू पाया
भगवान से भी ज्यादा अच्छी
ऐसी मेरी प्यारी प्यारी अम्माँ।
माँ का हरदम रहे आसरा
सारे बच्चो पर ही सदा
सबकी माँ हो ऐसी ,जैसी
ऐसी मेरी प्यारी प्यारी अम्माँ।
किसी रूप में भी जन्म मिले
हर रूप में मां का प्यार मिले
छोड़ न पाउँ "नीतू" माँ को कभी
ऐसी मेरी प्यारी प्यारी अम्माँ।
