STORYMIRROR

Anita Chandrakar

Romance

3  

Anita Chandrakar

Romance

अलविदा न कहना

अलविदा न कहना

1 min
218

सुख दुःख के साथी बनकर।

तय कर लेंगे मुश्किल डगर।

धूप देखकर डर मत जाना,

बन जाऊँगा मैं घना शज़र।


           मत करना कोई ऐसी बात।

           जिससे बिगड़ जाये हालात।

           आँसू तेरा देख नहीं पाऊँगा मैं,

           झड़ जाऊँगा बन सूखा पात।


जाना पड़ेगा हमको एक दिन।

ये तन हो जाएगा प्राण विहीन।

अलविदा मत कहना तुम पहले,

जी नहीं पाऊँगा मैं तुम बिन।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance