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ज्योति किरण

Abstract Inspirational Children

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ज्योति किरण

Abstract Inspirational Children

अक्षर ज्ञान

अक्षर ज्ञान

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अक्षर ज्ञान से बढ़कर 

जग में नहीं है दूजा ज्ञान।

शिक्षित ना होगे गर तुम, 

पाओगे कहाँ सम्मान।।


शिक्षा ही है सार जगत

का, विद्या में भगवान..। 

पढ़-लिख कर बन जाओ

अपने भारत की पहचान।। 


आओ चलें सब मिलकर.., 

ज्ञान की ज्योति जगाएं।

ख़ुद भी पढ़ें, लगाकर मन 

और दूजों को भी पढ़ाएं।।


पढ़ने-लिखने से ही होगा, 

जीवन का उद्धार।

शिक्षा से ही बदलेगा 

कुंठित समाज, संसार।।


अनपढ़ता है कड़ी धूप 

विद्या है ठंडी छांव। 

शिक्षा से संवरेगा भविष्य 

बदलेंगे शहर और गांव।। 


देश-विदेश में नाम करेंगे 

विद्या का सम्मान करेंगे। 

मात-पिता का गौरव होगा,  

जग में ऐसा काम करेंगे।। 


शिक्षा के वरदान को पाने 

के सारे अधिकारी है.., 

पढ़ेगा इंडिया, बढ़ेगा इंडिया,

मूल मंत्र यह जारी है।।


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