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Manishaben Jadav

Romance

3  

Manishaben Jadav

Romance

ऐसा था मिलन हमारा।

ऐसा था मिलन हमारा।

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एक और कुर्सी मे बैठे थे हम

   सामने आके बैठ गए वह

     ऐसा था मिलन हमारा।


नजर झुका के बैठे थे हम

   और सामने देख रहे थे वह

     ऐसा था मिलन हमारा।


शब्द नही थे लब पे हमारे

   नही शरूआत कर पा रहे थे वह

       ऐसा था मिलन हमारा।


कभी नजर चुरा के देखते हम

   कभी चोरी चोरी देखते थे वह

    ऐसा था मिलन हमारा ।


कहना था मुझे बहुत कुछ

   लेकिन कह नही पा रहे थे

    ऐसा था मिलन हमारा।


नजर जब मिलती थी

   थोड़ा सा मुस्कुरा देते हम

      ऐसा था मिलन हमारा।


बात की शरूआत करे कैसे

   दोनों परेशान थे जैसे

     ऐसा था मिलन हमारा।


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