STORYMIRROR

S Ram Verma

Inspirational

2  

S Ram Verma

Inspirational

ऐ ज़िन्दगी !

ऐ ज़िन्दगी !

1 min
133


ऐ ज़िन्दगी सुन 

इतनी सी गुज़ारिश 

तू मेरी ! 


अब कहीं दूर ना जा 

कर दे रौशन इन सियाह 

रातों को तू मेरी !


और कर दे शीतल से 

ठन्डे मेरे तपते दिनों को 

तू मेरे ! 


फिर आकर पास मेरे 

ले ले अपने आगोश 

के घेरे में तू मुझे !  


और ले चल इस दुनिया 

से बिलकुल दूर तू 

मुझे ! 


ऐ ज़िन्दगी आ मेरी 

आँखों में बस जा और 

अपनी आँखों में बसा ले 

फिर से तू मुझे !


मुझसे दूर ना जाना 

इतनी सी गुज़ारिश है

तुझ से मेरी !


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational