STORYMIRROR

Kamni Gupta

Inspirational

4  

Kamni Gupta

Inspirational

दीप सा प्रज्वलित हो...

दीप सा प्रज्वलित हो...

1 min
285

दीप सा प्रज्वलित हो हर भारतवासी प्रफुल्लित हो।


दीपावली को ही नहीं सिर्फ रोशन रहे हमारी ये धरा,

हर दिन भी दीप सा रोशन अपने वतन का प्रतित हो।


मैं, तुम और हम सब मिलकर जो ठान लें इक बार फिर,

नफ़रत मिटे जहां से हर ओर दिलों में उजागर प्रीत हो।


जगमजगम जब दीपमाला नज़र आएगी हर तरफ,

विश्व का हो कल्याण सब दुआ करें यही सदा हमारी रीत हो।


ऐसी दीपावली फिर जो हम सब मिलकर मनाएंगे हर बार,

हारेगी फिर बुराई और सदैव सत्य और अच्छाई की जीत हो।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational