Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

अहसास

अहसास

1 min 275 1 min 275

समझो तो

मेरी आँखों की चमक, 

और उनका धुँधलाना

मेरी हँसी की खनक,

और उसका खो जाना

मेरी उंगलियों की छुअन, 

और मुठ्ठियों का बंद होना

मेरी बेवज़ह की बातें,


और कई घंटों की ख़ामोशी

मेरा बहुत देर तक तैयार होना,

और यूँही कहीं चल देना

मेरे ढेर सारे सवाल जवाब

और हर बात पे हाँ कर देना

ये सब तुमसे जुड़े हैं

सिर्फ तुमसे समझो तो



Rate this content
Log in

More hindi poem from Kuhu jyoti Jain

Similar hindi poem from Romance