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Sandeep Kumar

Tragedy Action

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Sandeep Kumar

Tragedy Action

अगर हो व्यवस्था तो करो काम उपवन सजाने का

अगर हो व्यवस्था तो करो काम उपवन सजाने का

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अगर हो व्यवस्था तो करो काम उपवन सजाने का

ना काम करो कभी दंगे भड़काने का

जिससे कि किसी का दो वक्त का रोटी छिन जाए

देखते-देखते हंसते खेलते परिवार बिखर जाए

ऐसा ना कोई काम करो 2

हे दंगाईयों

ना दंगे भड़काने का काम करो

ना दंगे भड़काने का काम करो।।


कि किसी की सजी सजाई उपवन बिखर जाए

कोई मां से बिछड़ जाए कोई मां से मिलने को तरस जाए

हो सके तो ऐसा काम करो जिससे उपवन सज संवर जाए

किसी को जीने का मकसद तो किसी का राह निकल आए

कुछ ऐसा काम करो 2

ना किसी के जीवन पर अल्पविराम करो

हे दंगाईयों

ना दंगे भड़काने का काम करो

ना दंगे भड़काने का काम करो।।


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