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S N Sharma

Abstract Romance

4  

S N Sharma

Abstract Romance

अधूरे सवाल।

अधूरे सवाल।

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सवाल तो सवाल है।

सवाल का सवाल है।

अधूरा सा रह गया।

जो इश्क का सवाल है।

सवाल का जवाब यहां।

कौन किसको दे रहा।

हर तरफ जो शोर है।

शोर में गुम हो रहा।

सवाल के जवाब में।

सवाल पूछते हैं वह।

बेवजह ही बात में

बात खोजते हैं वह

न वो जवाब दे रहे

ना मैं जवाब दे रहा।

जिंदगी का वक्त यूं ही

रूठने में व्यर्थ हो रहा ।

हो निरुत्तर बैठते हैं।

पीठ लगा पीठ से।

मौन कर रहा सवाल ।

फिर भी हो के ढीठ से।

हाथ हाथ में लिए।

आंखों से आंखों में।

बात जब होने लगी।

थे जवाब सांसों में।

ना कुछ उन्होंने कहा

ना ही कुछ मैंने कहा

पर उनका यह सवाल का

जवाब यूं ही मिलता रहा।




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