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डॉ. प्रदीप कुमार

Romance

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डॉ. प्रदीप कुमार

Romance

अच्छा होता अगर तुम

अच्छा होता अगर तुम

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अच्छा होता अगर तुम अमेरिका की होती,
या रहती ग्रीनलैंड जैसी किसी जगह में,
जहां पहुंचने की सोचना भी मेरी सोच से परे होता, मेरा बजट मेरे प्यार को सीमित कर देता।
ज़िद न करता मैं फिर तुमसे कभी मिलने की,
मिलने के नाम पर हम-तुम में झगड़ा कभी न होता। मगर तुम्हारा जन्म इसी देश में हुआ है,
ऊपर वाले ने तुम्हें मेरे लिए चुना है,
तो तुम मेरे सभी नखरे उठाने को प्रतिबद्ध हो।
मैं तुम्हारा, तुम मेरी हो, तुम अब चाहे कुछ भी कहो, मेरा जिला न भूलना कभी तुम
चाहे किसी भी स्टेट में रहो।
जब भी बुलाऊं मैं तुमको,
तुम्हें मुझसे मिलने आना होगा,
तुम्हारे पास दूरी का अब न कोई बहाना होगा।


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