Rochana Singh
Romance
वो जो हर बार होता था, इस बार नहीं होगा
तू देगा फिर अपनी गलतियों की सफाइयाँ
मैं सुन तो लूंगी लेकिन तुझपे एतबार
इस बार नहीं होगा।
याद आयेंगे तेरे साथ बिताए हर लम्हे,
आंखों में आँसू होंगे लेकिन प्यार
वो पागल सा लड...
यादें
वक्त कहां एक ...
इश्क़ हुआ मुझ...
सफ़र
समय कभी एक सा...
यादों का शहर
मोहब्बत आफ़त ...
अब प्यार नहीं...
जिन्दगी कैसी ...
ये कैसी मोहब्बत है तुम पास मेरे हो लेकिन याद किसी और को करते हो। ये कैसी मोहब्बत है तुम पास मेरे हो लेकिन याद किसी और को करते हो।
इश्क दरिया आग का है न लगाओ जान बाज़ी इश्क दरिया आग का है न लगाओ जान बाज़ी
ऐ दिलरुबा तुम समझती क्यों नहीं मेरे इस दिले जज़्बात को। ऐ दिलरुबा तुम समझती क्यों नहीं मेरे इस दिले जज़्बात को।
वही दिल है लेकिन जवानी नहीं वो दिल धड़कता है लेकिन रवानी नहीं वो। वही दिल है लेकिन जवानी नहीं वो दिल धड़कता है लेकिन रवानी नहीं वो।
मिलने की कोई युक्ति परमेश्वर से मांग बैठा हूं। मिलने की कोई युक्ति परमेश्वर से मांग बैठा हूं।
खुद के वजूद को तेरी उंगलियों में फंसाने को दिल करता है खुद के वजूद को तेरी उंगलियों में फंसाने को दिल करता है
आंखों का काजल कहीं धुल ना जाए। क्यों तुम्हारी आंखों में आंसू भर आए? आंखों का काजल कहीं धुल ना जाए। क्यों तुम्हारी आंखों में आंसू भर आए?
जब भी तन्हाई में होंगे, तेरी यादों को साथ लेकर हंसते रहेंगे। जब भी तन्हाई में होंगे, तेरी यादों को साथ लेकर हंसते रहेंगे।
मेरे दर्द का तेरे दिल में ,अहसास ही तो है, जिंदा रहने को तेरा एतबार ही काफी है। मेरे दर्द का तेरे दिल में ,अहसास ही तो है, जिंदा रहने को तेरा एतबार ही काफी ह...
बस प्रार्थना इतनी सी है प्रार्थना कामना ना बन जाए। बस प्रार्थना इतनी सी है प्रार्थना कामना ना बन जाए।
पहली रात मिलन की हो मैं ऐसे तुझ संग रास करूँ। पहली रात मिलन की हो मैं ऐसे तुझ संग रास करूँ।
हृदय की मृदु कोमल भावनाओं में, कदाचित कोई विराम संभव नहीं। हृदय की मृदु कोमल भावनाओं में, कदाचित कोई विराम संभव नहीं।
मेरे हर ख्वाब और हर अक्स में, एक तासीर तुम हो। मेरे हर ख्वाब और हर अक्स में, एक तासीर तुम हो।
सावन में तेरे इंतजार में महबूब को तड़पते देखा है। सावन में तेरे इंतजार में महबूब को तड़पते देखा है।
ये परबत पे प्यासी घटाओं का मौसम, आओ यहाँ पे खो जाएँ हम। ये परबत पे प्यासी घटाओं का मौसम, आओ यहाँ पे खो जाएँ हम।
मन आज भी कहता है खतावार तुम्हें, पर यह बात तुम्हें बताऊं कैसे? मन आज भी कहता है खतावार तुम्हें, पर यह बात तुम्हें बताऊं कैसे?
जीते जी नहीं तो मरने के बाद ही सही, मंजिल मेरी मुझे तुम ही दिखाना। जीते जी नहीं तो मरने के बाद ही सही, मंजिल मेरी मुझे तुम ही दिखाना।
रहेंगे साथ ही मिलकर , कभी नहीं साथ छोड़ेंगे रहेंगे साथ ही मिलकर , कभी नहीं साथ छोड़ेंगे
लो फिर ये बैरी बरसात आ गई जो भुला चुके थे हम फिर तेरी वो याद आ गई। लो फिर ये बैरी बरसात आ गई जो भुला चुके थे हम फिर तेरी वो याद आ गई।
बहकना होता अगर पहले, तो बहक जाते ..... अगर अब बहक गये तो , हमे फ़ना करना | बहकना होता अगर पहले, तो बहक जाते ..... अगर अब बहक गये तो , हमे फ़ना करना |