STORYMIRROR

Mamta Gupta

Romance

4  

Mamta Gupta

Romance

अब बात नही होती

अब बात नही होती

1 min
170

बिन मौसम बरसात नहीं होती

मिलने की फरियाद करे तो

सुनवाई नहीं होती......

अब बात नहीं होती ........


काम ज्यादा है, समय नहीं है

अब यह दूरियां बढ़ने लगी है।

बढ़ती दूरियां कम नहीं होती ...

अब बात नहीं होती ......


अब वक्त गुजर है जाता  

उसके ही इंतजार में 

लेकिन एक नजर प्यार की 

बरसात नहीं होती ।।

अब बात नहीं होती ..........


कहने को कितनी बातें हैं होती 

प्यार की हसीन अब 

कहाँ रात है होती .....

अब बस आंखे नम है रहती ।

अब बात नहीं होती .......


अब ना अधिकार हैं रखते 

ना अब वो प्यार हैं करते ,

अब बस यादों में प्यार की 

गुजारिश है होती .....

अब बात नहीं होती ......



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance