Ila Upadhyaya
Fantasy Inspirational
समेटले मुझे इन बादलों की तरह अपनी बाहों में,
कि मेरे वजूद को भी एक आसमान मिले।
कब से इंतज़ार में है तेरे, ये बेक़रार दिल,
आ भी जा रूबरू कि इसको कुछ तो क़रार मिले।
ज़र्रा ज़र्रा
बेशुमार
अक्स
कश्मकश
आँखें
नाम
सुकून
आसमान
शाहीन
वो अंतरंग घड़ियाँ उसे याद करती हैं, ये चादर की सिलवट भी फरियाद करती है, वो अंतरंग घड़ियाँ उसे याद करती हैं, ये चादर की सिलवट भी फरियाद करती है,
आज भी कई बार, मेरे सपनो में आते हो तुम, हर बार एक नई, उम्मीद जगा देते हो तुम...! आज भी कई बार, मेरे सपनो में आते हो तुम, हर बार एक नई, उम्मीद जगा देते हो तुम...!
सपने हमेशा बड़े देखना चाहिए। ताकि उसे पूरा करने में सारी कायनात लग जाए। सपने हमेशा बड़े देखना चाहिए। ताकि उसे पूरा करने में सारी कायनात लग जाए।
हो तुम प्यारे, मोहब्बत है तुम्हीं से हमें लो मन से हो गए हम तो तुम्हारे हो तुम प्यारे, मोहब्बत है तुम्हीं से हमें लो मन से हो गए हम तो तुम्हारे
फिर किसी रात हो गुलमोहर की बारिश, या बूँदों की ही तेज़ बारिश घर की खिड़की से ताकें ! फिर किसी रात हो गुलमोहर की बारिश, या बूँदों की ही तेज़ बारिश घर की खिड़की से ...
आज के समाज में मानसिक प्रताड़ना देने वाली शिक्षा शैली एवं माता पिता द्धारा अव्वल प्रदर्शन हेतु बाल मन... आज के समाज में मानसिक प्रताड़ना देने वाली शिक्षा शैली एवं माता पिता द्धारा अव्वल ...
है काँच की हिमाकत, या बिंब नस्तरी सी, या मुहर ही जिया पे जहर कर गया है | सरेआम यादों की तस्करी हो ... है काँच की हिमाकत, या बिंब नस्तरी सी, या मुहर ही जिया पे जहर कर गया है | सरेआम...
बस एक ज़िद थी, खुद से ही जीतने की ना जाने क्यों खुद से ही हार गए हम !! बस एक ज़िद थी, खुद से ही जीतने की ना जाने क्यों खुद से ही हार गए हम !!
कुछ वार हुए हैं होने पे मेरे, ज़ख़्म भी हुए है मेरे हौसलों पे कुछ, मिटने लगे हैं वो घाव भी जो तू है.... कुछ वार हुए हैं होने पे मेरे, ज़ख़्म भी हुए है मेरे हौसलों पे कुछ, मिटने लगे हैं...
सोचा था उसके लिए, करूंगी कुछ सच्चा लगता नहीं पर कभी कभी, सच्चा भी अच्छा । सोचा था उसके लिए, करूंगी कुछ सच्चा लगता नहीं पर कभी कभी, सच्चा भी अच्छा ।
बहुत मन था, उसे वापस एक बार प्यार करने का, पर फिर अगर उससे बेवफाई ही पायी तो ? बहुत मन था, उसे वापस एक बार प्यार करने का, पर फिर अगर उससे बेवफाई ही पायी तो ?
अब तो बस तेरे इश्क़ में, फना हो जाने की चाहता है...! अब तो बस तेरे इश्क़ में, फना हो जाने की चाहता है...!
लहरों का क्या है , आती है ...चली जाती है पर उस किनारे का क्या जो देता है उतना ही प्यार उतना ही दु... लहरों का क्या है , आती है ...चली जाती है पर उस किनारे का क्या जो देता है उतना...
मासूम दीदे शोक में ही ये आँखे लगी रही, अब तो वफा की शमा जला दीजिये हुजूर। मासूम दीदे शोक में ही ये आँखे लगी रही, अब तो वफा की शमा जला दीजिये हुजूर।
किसी और की बात नहीं करता मैं आज, अपनी ही मर्ज़ी के खिलाफ़ जाना चाहता हूँ मैं। किसी और की बात नहीं करता मैं आज, अपनी ही मर्ज़ी के खिलाफ़ जाना चाहता हूँ मैं।
तेरी बाँहों में समाने की तमन्ना है मगर। तुम पास आये तो खुद हम झिझकने लगे।। तेरी बाँहों में समाने की तमन्ना है मगर। तुम पास आये तो खुद हम झिझकने लगे।।
युंही अपनी जिंदगी नरक ना बनती ना सबको किमत चुकांनी पडती ! युंही अपनी जिंदगी नरक ना बनती ना सबको किमत चुकांनी पडती !
आज लिख ही डालूँ तुझे खत पता है जिसका 'मायका' आज लिख ही डालूँ तुझे खत पता है जिसका 'मायका'
ना ही इस, नदी में खिवैया, ना ही किनारा है...! ना ही इस, नदी में खिवैया, ना ही किनारा है...!
धीरे-धीरे शाम ढलेगी जिन्दगी भी उसी तरह खुद को सिमेट लेगी धीरे-धीरे शाम ढलेगी जिन्दगी भी उसी तरह खुद को सिमेट लेगी