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Ila Upadhyaya

Abstract Romance Fantasy

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Ila Upadhyaya

Abstract Romance Fantasy

कश्मकश

कश्मकश

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तुमसे जी भरकर लंबी

गुफ्तगू ना भी हो जाना,


एक घड़ी आवाज़ सुनकर

दिल को तसल्ली हो जाती है,


ये कैसी कशमकश में

डाल दिया तूने या रब,


रोज़ जागती हूँ तो,सूरज की पहली किरण

से तेरी तलब भी जाग जाती है।


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