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Ila Upadhyaya

Romance

4  

Ila Upadhyaya

Romance

अक्स

अक्स

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अपनी आँखों में तेरा अक्स देखती हूँ,

तुझे फिर से मिलने का सबब देखती हूँ।


वक़्त थम सा गया था कुछ लम्हों के लिए,

तेरी झील सी आँखों में फ़लक देखती हूँ।


यूँ तो तुमने कुछ भी ना कहा लबों से,

पर अपने दिल में डूबती तेरी धड़कनें देखती हूँ।



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