STORYMIRROR

Shiv kumar Gupta

Romance

4  

Shiv kumar Gupta

Romance

आप सा कोई प्यारा नहीं

आप सा कोई प्यारा नहीं

1 min
258

हमें आप सा कोई प्यारा नहीं,

हमें दुनिया मे आप सा कोई दुलारा नहीं 

बहुत चाहते हैं आपको आप सा प्यारा मनमीत नहीं,

जिसे पाने की तमन्ना है आप सा कोई मेरा मीत नहीं।


फ़ूलों की शाहजादी से जो दिल लगा मेरा, 

उनकी दास्ताँ सुनने को तरसे दिल मेरा, 

आपकी बागों सा कोई प्यारा चमन नहीं, 

उनकी आशिकी की कोई मिशाल नहीं।


नजरों से उनकी बातें करने का अंदाज निराला है, 

प्यार मे बहके मेरे कदमों का बस उन्हीं का सहारा है,

जीने की चाहत है बस उनकी जिंदगी के लिए, 

मेरी हर ख्वाहिश है बस जानेमन जान के लिए।


धड़कती है धड़कन बस उनकी निगाहों से, 

सांसे भी उनकी बयान करते मजबूरियां जमानों से, 

बेखुदी में उठते-उठते हर कदम गंवारा नहीं,

उनकी चांद सा मुखड़े पर जान देना गंवारा नहीं l


उनकी खुशबू चमन की बहारों के लिए, 

हम मिटते हैं उनकी हर इक आहों के लिए,

चमन की कली में बहारों की कोई कसूर नहीं, 

भवरें की जिंदगी में उन सा कोई फूल नहीं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance