आँखें
आँखें
जो बात हम
उम्र भर न कह सके
उनकी आँखें एक
झटके में बयान
कर गईं l
हाले दिल, अब क्या कहें
जीना मुहाल कर दिया
उस वक्त से
तेरी इन आँखों ने,
बंद करता हूँ ये आँखें
तो ख़्वाबों में
देखता हूँ तुझे,
खुली रखता हूँ
तो भी ढूँढता हूँ
हर तरफ़ तुझे l

