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Kawaljeet Gill

Tragedy


1.3  

Kawaljeet Gill

Tragedy


आज मन कुछ उदास सा है

आज मन कुछ उदास सा है

1 min 417 1 min 417

आज मन कुछ उदास सा है

दिल मे कोई दर्द सा है

हँसते हँसते भी आँसू आँखों मे आ गए

कुछ तो कहीं टूटा है टूटे तारे की तरह

शायद कोई अपना आज बहुत

तड़पा बहुत रोया है

ये एहसास बेचैन सा किये जा रहा है

आज मन कुछ उदास सा है

दिल मे कोई दर्द सा है

ये हवाएं भी आज खामोश सी है

आसमान भी कुछ शांत सा है

तारे भी कहीं छुप कर रो रहे है शायद

चाँद भी कुछ उदास सा है

शायद आज कायनात भी रो रही है

हर ओर काली घनघोर रात छाई है

हर कोई उदास उदास सा है


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