STORYMIRROR

Kumar Gaurav Vimal

Abstract Fantasy Inspirational

4  

Kumar Gaurav Vimal

Abstract Fantasy Inspirational

आज कि नई नारी....

आज कि नई नारी....

1 min
955

इरादें बुलंद है उसके भी,

देखने में सुंदर प्यारी हैं...

नए भारत की तरह बुलंद,

आज की नई नारी हैं....


ज़रूरत नहीं इन्हें अब सहारे की,

दम है इनकी हर बात में,

जो पाया है खुद से कमाया है,

नही मिला किसी खैरात में...

चांद तक तो पहुंच ही गई हैं,

अब उसके आगे जाने की तैयारी है....


नए भारत की तरह बुलंद,

आज की नई नारी हैं...


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract