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Rashi Saxena

Abstract

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Rashi Saxena

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स्कूल स्मृति

स्कूल स्मृति

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कैलेंडर पर आना है जुलाई माह

विद्यार्थी चल पड़ेंगे स्कूल की राह

हमको करनी सहपाठी संग मस्ती

अभिभावक करते ज्ञान की चाह


स्कूल बस की करेंगे दरकार

छुट्टियों के किस्से और रास्ता गुलज़ार

होगी हंसी ठिठोली ढेरों मज़ाक

जब मिल जाएंगे कक्षा के चार यार


प्रार्थना की लाइन में होकर खड़े

कोई खींचता आगे वाले की कमीज़

कभी बांधते चोटी या जूते के फीते

नया बस्ता नयी किताबों की खुशबू


कटे नाखून छोटे बाल कॉलर बटन बंद

टीचर सामने बनते सीधे साधे दब्बू

मम्मी से मांगते फरमाइशी टिफ़िन

देना मग्गी सैंडविच या ब्रेड पकोड़ा


मत भेजना पराठा लोकी या कद्दू

जल्दी जल्दी ठूँसते पानी खाना

मैदान में है खेलने जो जाना


झूलेंगे झूले चढ़ेंगे फिसलपट्टी

झट झगड़ा और हो गए कट्टी

फिर बैठे क्लास में अगल बगल

और बातों बातों में फिरसे पुच्ची


शिक्षक की डाँट फटकार दुलार

गृहकार्य न करने के सौ बहाने

उन् पर करना गहन विचार

नोटबुक कागज़ की चीड़फाड़


बस में मिले खिड़की वाली सीट

छुट्टी की घंटी का बेसब्री से इंतज़ार

परीक्षा टेस्ट रिजल्ट का भय हो या

वार्षिक उत्सव की चहल पहल


रामायण जैसे पावन विद्यार्थी जीवन

स्मृतियाँ चढ़ती स्कूल की रेहल

बीते जहाँ उम्र के कुछ ही वर्ष

मिला ज्ञान आत्मविश्वास अपार हर्ष।


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