STORYMIRROR

Rashi Saxena

Inspirational

4  

Rashi Saxena

Inspirational

माँ मेरा उपहार हो तुम

माँ मेरा उपहार हो तुम

1 min
26

माँ ..तुम बचपन की गुरु हो

 मेरी पतवार हो,

तुमसे मिला यह जीवन

  मेरा उपहार है।


माँ... तुम स्नेह की छवि हो,

 गुनगुनाती लोरी हो,

  तुम बिन यह जीवन,

    सूना संसार है।


माँ..तुम नियति की कसौटी,

 कोमल और सलोंनी हो,

  तुम बिन यह जीवन,

    निराधार है।


माँ...तुम सृष्टि की शान,

  मेरे सपनों की उड़ान हो

  तुमसे इस जीवन में,

   एक दुलार है।


माँ...तुम परंपरा , संस्कार हो,

 पर्व और त्यौहार हो, 

  तुम्हारा यह जीवन, 

  परोपकार है।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational