Jalpa lalani 'Zoya'
Fantasy Inspirational Others
वर्तमान में जीना छोड़कर
भविष्य की राह ताकते हैं
उज्ज्वल जीवन बनाने परिवार
तक को छोड़ जाते हैं
ख़ुद की आज़ादी हेतु अपनों
को ग़म में कैद कर देते हैं
आज के युवा कभी अपने ही
पैर पर कुल्हाड़ी मार देते हैं।
किताब-ए-ज़िन्द...
राब्ता
तिश्नगी-ए-क़ुर...
दिलनशीं
चाहत तेरी
पास आओ कभी
ज़ुल्फ़ का साया
हमसा कहाँ मिल...
तू है गीत मेर...
नाउम्मीदी में...
जख्मों को वो अपने खुद सीने लगता है मेरा मन बादलों सा उड़ने लगा है। जख्मों को वो अपने खुद सीने लगता है मेरा मन बादलों सा उड़ने लगा है।
एक अजीब सी उदासी, चाहकर भी, नहीं हटा पाता हूँ, एक अजीब सी उदासी, चाहकर भी, नहीं हटा पाता हूँ,
कोइ देखने लगा है रस्ता मेरा तेरी गलियों से अब निकलना पड़ेगा। कोइ देखने लगा है रस्ता मेरा तेरी गलियों से अब निकलना पड़ेगा।
आज फिर से खत लिखने की तमन्ना हुई है वो सोयी सोयी सी दास्तां फिर से जवां हुई है। आज फिर से खत लिखने की तमन्ना हुई है वो सोयी सोयी सी दास्तां फिर से जवां हुई ...
इस वर्ष भी खुशियां तू भी झोली भर के लाएगा इस वर्ष भी खुशियां तू भी झोली भर के लाएगा
मेरी मौत पर ज्यादा ख़र्चा करने की कोई जरूरत नहीं मेरी मौत पर ज्यादा ख़र्चा करने की कोई जरूरत नहीं
कितनी भी व्याधि है झेली चाहे असफलता दौर रहा कितनी भी व्याधि है झेली चाहे असफलता दौर रहा
अरे उसके तो दिल में ही थी हम मौत ढूंढते रहे उसके पांव में। अरे उसके तो दिल में ही थी हम मौत ढूंढते रहे उसके पांव में।
कैसा भी हो मौसम, रंग सलौने ये भरती रही। कैसा भी हो मौसम, रंग सलौने ये भरती रही।
मैं तो बस इस विश्व को जीवनदान देता हूँ नई ऊर्जा साथ लाता हूँ। मैं तो बस इस विश्व को जीवनदान देता हूँ नई ऊर्जा साथ लाता हूँ।
हो जाए हम अनजान तो ये ही सही जैसे पहले हम कुछ थे ही नहीं। हो जाए हम अनजान तो ये ही सही जैसे पहले हम कुछ थे ही नहीं।
कभी लेखिका तो कभी शायर कहलायेगी जब आना होगा कल्पनाओं का मेरी गली। कभी लेखिका तो कभी शायर कहलायेगी जब आना होगा कल्पनाओं का मेरी गली।
चल पड़े सफर पे अंजान कुछ तो है दोनों के दरमियान। चल पड़े सफर पे अंजान कुछ तो है दोनों के दरमियान।
प्यार में एक मास भी पूरा नहीं कर पाए हम। प्यार में एक मास भी पूरा नहीं कर पाए हम।
सब कुछ अपने पर है, जितना चाहे सोचो , जितना चाहे लिखो, कहीं कोई व्यवधान नहीं। सब कुछ अपने पर है, जितना चाहे सोचो , जितना चाहे लिखो, कहीं कोई व्यवधान...
खुदगर्जी की अब दुनिया ऐसी हो गई मजे मजे में अपने को ही यारों लुटा गई। खुदगर्जी की अब दुनिया ऐसी हो गई मजे मजे में अपने को ही यारों लुटा गई।
और एक प्याली कॉफी वाली चाय साथ में बुकमार्क लगी किताब जो तुमने लिखी हो।। और एक प्याली कॉफी वाली चाय साथ में बुकमार्क लगी किताब जो तुमने लिखी हो।।
सातों आसमानों की सैर कर लूं ऐसी कोई पंख लगा लूँ सातों आसमानों की सैर कर लूं ऐसी कोई पंख लगा लूँ
जिनकी वजह से आज उस मुक़ाम पर तो हो, जिसमें मुझे लोग देखना नहीं चाहते जिनकी वजह से आज उस मुक़ाम पर तो हो, जिसमें मुझे लोग देखना नहीं चाहते
मेरी गजलों को तो अच्छा होना ही था jerry वो एक बोसा देती है, शेर की मिसालों में। मेरी गजलों को तो अच्छा होना ही था jerry वो एक बोसा देती है, शेर की मिसालों मे...