STORYMIRROR

THE UNIQUE

Fantasy

4  

THE UNIQUE

Fantasy

"आ जाओ एक बार"

"आ जाओ एक बार"

1 min
293

आ जाओ फिर एक बार,

बिन तेरे बिखर रहे बारम्बार,

बैचैन हैं ये नैन,

आँखे भीग गई,

खो गया मैं तुझमे,

श्रुत तुझ में लग गई,

बस गये तुझमे,

रम तू मुझ में गई,

पास तू आ फिर दौड़ कर,

नही तो फिर जान गई,

संवर गए जो तू मिली,

बिखर गए जो दूर हुई,

टूटने लगे है सांसो के धागे,

ओझल जो तू एक पल हुई,

आ जाओ लौट कर,

मन की तुलसी,

पुकार करे,

तुम तो चली गई हो,

बोलो हम कैसे,

साँसों का संचार करे,

आ जाओ देखो,

हैं मेरे मन का घर सुना,

हूँ मैं तुम बिन बिल्कुल अधूरा,

आ जाओ फिर एक बार,

बिन तेरे बिखर रहे बारम्बार।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy